74 वाँ स्वतंत्रता दिवस- इतिहास, महत्व और तथ्य

भारत हर साल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाता है। इस वर्ष वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान भी भारत अपने 74 वें स्वतंत्रता दिवस को हर्षोल्लास के साथ मनाने के लिए तैयार है। हमारे स्वतंत्रता दिवस का हमारे लिए बहुत महत्व है। यह ना केवल शहीदों को याद करने का दिन है, बल्कि स्वयं के मूल्यांकन का भी दिन है कि अपनी स्वतंत्रता और देश की धरोहर को संजोये रखने में किस हद तक सफल हुए हैं?  

जैसा कि हम जानते हैं कि 15 अगस्त 1947 को  भारत स्वतंत्र हुआ था। स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने नई दिल्ली के लाल किले के लाहोरी गेट पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर उस यादगार दिवस को चिन्हित किया था। यही वह समय था जब ट्राइस्ट विद डेस्टिनी अर्थात् भाग्य के साथ साक्षात्कार नामक ऐतिहासिक भाषण जवाहरलाल नेहरू द्वारा स्वतंत्र भारत की संसद में, भारत की स्वतंत्रता की पूर्व संध्या पर, 14 अगस्त 1947 की मध्यरात्रि को दिया था।

एक तरफ तो संपूर्ण देश स्वतंत्रता की खुशी मना रहा था, तो वहीं दूसरी ओर राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी, कलकत्ता और नोवाखाली (बांग्लादेश) में उपवास करते हुए लोगों को बटवारें के दंश को सहन करने की हिम्मत बंधा रहे थे। क्योंकि 200 वर्षों की दासता के उपरांत यह आजादी अचानक से किसी सुखद अनुभव की तरह हमें नहीं मिली थी। यह वर्षों के संघर्ष के बाद और विभाजन के सह उत्पाद के साथ हमें प्राप्त हुई थी।

भारत में ब्रिटिश शासन की नींव तो सन् 1600 में ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना के साथ ही हो गयी थी। मगर 1757 में प्लासी के युद्ध में ब्रिटिश जीत के बाद, अंग्रेजी कंपनी ने देश पर वास्तविक नियंत्रण स्थापित करना शुरू कर दिया। ईस्ट इंडिया कंपनी के भारत पर 100 वर्षों के शासन के पश्चात 1857-58 में भारतीय सैनिकों ने विद्रोह कर दिया था, जो धीरे-धीरे पूरे उत्तर भारत में फैल गया था। परंतु अंग्रेजी शासन के द्वारा क्रूरता से इसका दमन किया गया। अंग्रेजों द्वारा इसे मात्र सिपाही विद्रोह की संज्ञा दी गई। परंतु अब इसे ब्रिटिश शासकों के खिलाफ स्वतंत्रता के पहले संग्राम के रूप में मान्यता प्राप्त है।

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इसके बाद भी समय-समय पर अंग्रेजो के खिलाफ संघर्ष होते रहे। परंतु इन संघर्षों को एक दिशा मिली प्रथम विश्व युद्ध के दौरान जब सही मायने में भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन शुरू हुआ और इसका नेतृत्व मोहनदास गांधी ने किया। गांधी ने ब्रिटिश शासन से शांतिपूर्ण और अहिंसक विरोध का ही पक्ष लिया। इस आंदोलन की अंतिम परिणति 1942 में प्रारंभ हुए भारत छोड़ो आंदोलन के साथ प्रारंभ हुई और द्वितीय विश्व युद्ध के साथ समाप्त हुई।

भारत से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्य-

  • 15 अगस्त के दिन भारत को स्वतंत्रता मिलने का कारण यह था कि लॉर्ड माउंटबेटन इस तिथि को भाग्यशाली मानता था, क्योंकि 1945 में इसी दिन जापानी बलों ने उसके सामने आत्मसमर्पण किया था।
  • लाल बलुआ पत्थर की विशाल दीवारों से निर्मित लाल किला परिसर जहां हर साल 15 अगस्त को भारत के प्रधानमंत्री के द्वारा तिरंगा फहराया जाता है, इसका निर्माण तो 1526 ईस्वी में ही प्रारंभ हो गया था, परंतु इसे शाहजहाँ द्वारा एक शानदार रूप दिया गया था। 2007 में लाल किला परिसर के हिस्से को यूनेस्को विश्व विरासत स्थल नामित किया गया था।
  • भारतीय राष्ट्रीय ध्वज पिंगली वेंकय्या द्वारा डिजाइन किया गया था जो एक स्वतंत्रता सेनानी थे। 
  • भारतीय ध्वज को 22 जुलाई, 1947 को अपनाया गया था।
  • भारतीय राष्ट्र गान को 24 जनवरी, 1950 को अपनाया गया था।
  • भारत के राष्ट्रीय गीत को 24 जनवरी, 1950 को अपनाया गया था।
  • 24 जनवरी, 1950 को ही डा. राजेंद्र प्रसाद को देश के पहले राष्ट्रपति के रूप में चुना गया था। वर्तमान में श्री रामनाथ कोविंद देश के 14 वें राष्ट्रपति हैं। भारत में प्रतिभा पाटिल के रूप में अब तक केवल एक ही महिला राष्ट्रपति रहीं है।  
  • नरेंद्र दामोदरदास मोदी स्वतंत्र भारत के 14 वें और वर्तमान प्रधान मंत्री हैं। भारत में इंदिरा गांधी के रूप में अब तक केवल एक ही महिला प्रधानमंत्री रहीं है।